इंसान को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? Karm Kaise Kare

God Gyan में आपका स्वागत है। हमको क्या करना चाहिए? क्या नहीं करना चाहिए? Karm ksise karna chahiye? कुछ कर्म जीवन में उतारना चाहिए, जिससे हमारे आने वाले भविष्य में हमारा नाम कीर्ति और हमारा विकास हो सके, तो चलिए इसी टॉपिक “कर्म” पर हम आर्टिकल की शुरुआत करते हैं। दोस्तों इस टॉपिक “Deed” को आप पूरा पढ़िए, चलिए स्टार्ट करते हैं।  

इंसान को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?
इंसान को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?

कर्म क्या है (Karm kya hai)

दोस्तों शुरुआत में हम कर्म के बारे में जानने की कोशिश करते हैं जैसे कि कर्म एक संस्कृत Words है जिसका अर्थ होता है ‘कार्य’ “Karm” या ‘कृत्य’ । कर्म हमारी कार्यशीलता का परिणाम होता है जो हम अपने Life में करते हैं। कर्म विभिन्न प्रकार के होते हैं जैसे सकारात्मक कर्म (Positive Action) , नकारात्मक कर्म (Negative Karma) और निष्काम कर्म। नकारात्मक कर्म हमें दुख देते हैं जबकि Positive कर्म हमें सुख देते हैं। निष्काम कर्म उन कर्मों को कहते हैं जो हम भावनाओं के बिना केवल कर्मों के लिए करते हैं। Karm विवेक के साथ किए गए होने चाहिए जो हमें सही दिशा में ले जाते हैं। आप कर्म की परिभाषा जान गए होंगे। चलिए अब हम जानते हैं इंसान को अपने जीवन में क्या करना चाहिए?

इंसान को अपने जीवन में क्या करना चाहिए?

अपने जीवन में यदि पॉजिटिव काम करते हैं तो उनकी लाइफ में चार चांद लग सकते हैं। चलिए कुछ ऐसे बातें जानते हैं जो हमें अपने Jeevan में निम्नलिखित Work करने चाहिए:

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  1. स्वयं को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयास करना जरूरी है।
  2. हमें अपने जीवन के उद्देश्य की ओर दृष्टि रखना चाहिए.
  3. सफलता की ओर जाने के लिए साहस और प्रयास रखना जरूरी है।
  4. हमें नए चुनौतियों से नहीं घबराना है और उन्हें समझने के लिए समय निकालना चाहिए.
  5. इंसान को अपने जीवन में विवेक से निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना चाहिए.
  6. परिस्थिति के मुताबिक इंसान को समाज सेवा में सक्रिय रहना चाहिए.
  7. हमें अपने परिवार और मित्रो के साथ सम्बंधों को अच्छे से निभाना जरूरी है।

यह मानव जीवन से जुड़ी कुछ बातें थी। चलिए अब हम जानने वाले हैं, हमें कैसे कर्म करना चाहिए? इसके बारे में कुछ महापुरुषों के सटीक विचार जानने वाले हैं।

आदमी को कैसे कर्म करने चाहिए?

कर्म आइना है जो हमारा स्वरूप हमें दिखा देता है अतः हमें कर्म का एहसानमंद होना चाहिए या वाक्यांश विनोबा भावे जी का है। Karm शीलता और उदासी दोनों साथ-साथ नहीं रहती है। काम को आरंभ करो अगर काम शुरू कर दिया है तो उसे पूरा करके ही छोड़ो, विनोबा भावे जी ने कहा है।  

धर्मशील व्यक्ति के लिए हवाएँ मधु बहाती हैं नदियों में मधु कहता है और औषधि में हो जाती हैं। ऋग्वेद में लिखा हुआ है कर्म ही मनुष्य के जीवन को पवित्र और हिंसक बनाता है। जो निष्काम कर्म की राह पर चलता है उसे उसकी परवाह कब रहती है और उसका आहेत साधन किया शक्ति छोड़ो और कर्म करो, आशा रहित होकर कर्म करो निष्काम होकर कर्म करो, यह गीता की बात है जो भुलाई नहीं जा सकती है।  

जो कर्म छोड़ता है वह गिरता है Karm करते ही हुए भी जो उसका फल छोड़ता है वह चढ़ता है बस चाहे कितना ही सुंदर हो विश्वास ना करो भूतकाल का भी चिंता ना करो जो कुछ करना है उसे अपने पर और ईश्वर पर विश्वास रखता वर्तमान में करो।  

कामयाब होने के लिए क्या कर्म करना चाहिए?

निष्काम कर्म ईश्वर ऋणी बना देता है। ईश्वर उसे  सूद  सहित वापस करने के लिए बाद हो जाता है। जैसे तेल समाप्त हो जाता है दीपक बुझ जाता है उसी प्रकार कर्म के छेद हो जाने पर देव नष्ट हो जाता है। फल मनुष्य के कर्म के अधीन है बुद्धि Karm के अनुसार आगे बढ़ने वाली है तथापि विद्वान और महात्मा लोग अच्छी तरह विचार ही कोई काम करें खेल में हम सदा ईमानदारी का पल्ला पकड़ कर चलते हैं।

अफसोस एकीकरण में हम इस ओर ध्यान तक नहीं देते हैं, वही कार्य सबको अच्छा है जिसे बहुसंख्यक लोग अधिक से अधिक आनंद मिल सके, जैसे फूल और फल किसी की पीड़ा के बिना ही अपने समय पर वृक्ष में लगे जाते हैं। उसी प्रकार पहले के किए हुए कर्म को अपने फल भोग के साथ उल्लंघन नहीं करते हैं।  

जहाँ कर्म तो है ही उसमें कोई मुक्त नहीं है। तथापि शरीर में प्रभु मंदिर बनाकर उसकी द्वारा मुक्ति प्राप्त करना चाहिए। कर्म की परिसंपत्ति ज्ञान में और कर्म का मूल भक्ति अथवा संपूर्ण आत्मसमर्पण में है। Karm सदैव सुख ना ला सका परंतु कर्म के बिना सुख नहीं मिलता है मनुष्य के कर्म ही उसके विचार की सबसे अच्छी व्यवस्था है कर्म ही पूजा और Karm पालन भक्ति है, जीवन में कर्म का परिवर्तन करने की क्षमता से अधिक दुख में कुछ नहीं है।

इंसान को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?

अब हम टॉपिक के मुख्य भाव को समझते हैं कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? इंसान को अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए कार्य करने चाहिए, Positive:

  1. नियमित रूप से व्यायाम करना (Exercise)
  2. स्वस्थ आहार लेना (Healthy Diet)
  3. नियमित रूप से पानी पीना (Drinking water)
  4. समय पर नींद लेना (Sleep)
  5. स्वच्छता बरतना (Cleanliness)

इसके अलावा, इंसान को क्या नहीं करना चाहिए? Negative:

  1. अनैतिक व्यवहार नहीं करना (Unethical behavior)
  2. धूम्रपान या शराब नहीं पीना (No Smoking)
  3. नशीली दवाओं का सेवन नहीं करना (No Drugs)
  4. अनुचित भाषा का प्रयोग नहीं करना (NO Inappropriate Language)
  5. लोगों की संपत्ति या स्वतंत्रता को नुकसान नहीं पहुँचाना (No Loss)

दोस्तों इस प्रकार से हमें अपनी लाइफ में कुछ ऐसे कार्य नहीं करना चाहिए, जो पॉजिटिव कर रहे हैं उनको करना चाहिए, नेगेटिव को छोड़ना चाहिए.

FAQs क्या करना

1-सुबह उठकर क्या करना चाहिए?

सुबह उठने से पहले उपयुक्त समय पर नींद पूरी करना, उठते ही पानी पीना, स्नान करना या अलग-अलग Body के अंगों को साफ़ करना, स्वस्थ नाश्ता करना जैसे कि दूध, फल आदि जो हमें पोषण देते हैं, मेडिटेशन या योग जैसी सकारात्मक गतिविधियों का अभ्यास करना, सफ़ाई और व्यवस्था के लिए घर के अलग-अलग कमरों को साफ करना इसके अलावा, सुबह कुछ काम जैसे कि अपनी तैयारी करना और अपनी दैनिक शिक्षा को पूरा करना भी ज़रूरी होता है।

2-कर्म करने का सही तरीका क्या है

कर्म करने का सही तरीका सही विचारों का चयन, Right Karm के लिए सही विचार बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं। हमें अपनी भावनाओं, भावनाओं और सोच को संतुलित रखने की आवश्यकता होती है। कर्म का उद्देश्य, हमें अपने कर्म का उद्देश्य समझना चाहिए जो हमें दिशा देता है कि हमें किस तरह से कर्म करना चाहिए। सही तरीके से कर्म, सही तरीके से कर्म करना बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। हमें अपनी कार्यवाही को सही ढंग से करना चाहिए। कर्म करते समय निष्काम होना चाहिए जिससे कि हमारा Karm दृढ़ता से और सही तरीके से किया जा सके। सही तरीके से कर्म करने के लिए हमें स्वास्थ्य रखना बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। हमें अपने शरीर का ख्याल रखना चाहिए जैसे नींद पूरी करना, योग अभ्यास करना, स्वस्थ खान-पान करना आदि।

R- कर्म करने का उद्देश्य एवं उनके प्रकार | कुछ महान विचारक

निष्कर्ष:

ऊपर दिए गए लेख के अनुसार कर्म (Karm) या कार्य के बारे में जाना। कैसे करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? आशा है आपको ऊपर दिया गया आर्टिकल जरूर अच्छा लगा होगा। पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद,

और अधिक पढ़ें: जीवन के महत्त्वपूर्ण सकारात्मक या नकारात्मक घटना क्या हैं

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