Chinta in hindi चिंता मनुष्य को कैसे परेशान करती है? महापुरुषों के वचन

चिंता इन हिन्दी के माध्यम से जानेंगे Chinta से रिलेटेड महापुरुषों के वाक्य, चिंता पर महापुरुषों ने क्या-क्या विचार दिए हैं कैसे मनुष्य का जीवन प्रभावित होता है? और टेंशन इंसान को किस तरह से परेशान करती है? चलिए इस आर्टिकल के माध्यम से जानते हैं Chinta in hindi, इसे पूरा पढ़ें यह मोटिवेशनल आर्टिकल है आपसे जान जाएंगे और अपनी Chinta को दूर भगाने में कामयाब हो सकते हैं। तो चले स्टार्ट करते हैं।

Chinta in hindi
Chinta in hindi

Chinta क्या है?

दोस्तों जैसे कि हम आपको एक साधारण आम भाषा में बताने वाले हैं की, चिंता एक किसम का अपने जीवन को नेगेटिव एनर्जी के साथ नकारात्मक सोच और हताश परेशान और निराश जैसी परिस्थिति बनाना। tension आदमी को परेशान करती है, Chinta करने से हमारा मन विचलित और रोने लगता है, हमारे शरीर के धीरे-धीरे शक्तियाँ क्षीण होने लगती हैं। अर्थात चिंता से हमारी चतुराई और कार्य करने की क्षमता घट जाती है। तो चिंता को आप भली-भांति जान गए होंगे। यह लगभग हर मनुष्य के जीवन में होती है कभी किसी से परेशान होने पर चिंता होती है। चलिए महापुरुष चिंता (Chinta in hindi) के बारे में क्या-क्या बतलाते हैं?

चिंता के बारे में महापुरुषों के विचार

‘चिन्ता चिता सम’ Chinta चिता समान है, मानीषियों द्वारा कहा गया यह वाक्य मेरा वाक्य नहीं बल्कि अनुभव-सिद्ध अनुभूति है। चिता मतृक को जलाती है, चिन्ता जीवित को। चिन्तामुक्त कैसे हों? आइये जानें।

1-Chinta किए जाने वाले प्रश्नों की सजा चिता के समान है। -प्रेमचन्द
2-चिन्ताएँ मनुष्य की सारी शक्ति नष्ट कर देती हैं। -शब्द प्रकाश
3-आप अपने जीवन के शत्रु हैं, यदि चिन्ता करते हैं। -शेक्सपीयर
4-चिन्ता कमजोरी का संकेत है जो जीवन को विषतुल्य बना देती है। -स्वेट मार्डेन
5-Chinta रूपी सांपिनी ने जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य को डसा है। -रामचरित मानस

6-चिन्ता जीवन में कायरता और विष भर देती है। -वाल्टेयर
7-tension करो, यदि तुम रूप, बल और ज्ञान का नाश चाहते हो। -अज्ञात
8-चिन्तन और चिन्ता में वही अन्तर होता है जो एक आत्मविश्वास भरे स्वस्थ व्यक्ति और रोगी व्यक्ति में होता है। -स्वेट मार्डेन
9-मैं उस व्यक्ति को बेवकूफ मानता हूँ जो किसी हानि या नुकसान के बाद उस पर चिन्ता कर अपना समय गंवाता है, इसलिए जो हो गया, उसे भूल जाओ। –जार्ज बर्नाड शॉ
10-कार्य कभी भी अधिक नहीं होता, Chinta उसे अधिक और अधिक बनाती जाती है। शहद की मधुमक्खी को जितना हटाओगे वह उतना ही चिपटती चली जाएगी, चिन्ता भी ऐसी ही है। —सुदर्शन

Chinta quotes in Hindi

11-सुबह से शाम तक काम करके आदमी उतना नहीं थकता जितना क्रोध या चिन्ता के एक घंटे में थक जाता है। -स्वेट मार्डेन
12-Chinta करनी है तो चरित्र की करो। भविष्य की चिन्ता से मनोरथ सिद्ध नहीं होते। -स्वामी विवेकानन्द
13-चिन्ता तो चिता समान होती है जो मनुष्य को घुन की तरह अन्दर ही अन्दर खोखला कर देती है और उसकी क्रियाशीलता नष्ट हो जाती है। -स्वेट मार्डेन
14-ईंधन से जैसे अग्नि बढ़ती है, ऐसे ही सोचने से tension बढ़ती है। न सोचने से चिन्ता वैसे ही नष्ट हो जाती है जैसे ईंधन के बिना अग्नि। -योग वशिष्ठ
15-जितना समय हम किसी कार्य की चिन्ता में लगाते हैं, यदि उतना ही समय हम उस कार्य में लगाएँ तो चिन्ता जैसी कोई चीज नहीं रह जाएगी-शेख सादी

16-Chinta का क्या लाभ? चिन्ता तो कभी भी उचित नहीं। अतः अपने कष्टों को अपने पुराने झोले में अन्दर करो और मुस्कराओ। जार्ज आसफ
17-वह व्यक्ति अपनी पीठ पर वजन का गट्ठर बाँध कर सोता है जो बिस्तर पर चिंताओं के साथ जाता है। -हैली बटन
18-चिता जलाए मुर्दे को चिन्ता जालए जिन्दा को। –प्रेमचन्द
19-यदि tension से ही कार्य सिद्ध होते तो सभी कार्य के बजाय चिन्ता ही करते। -स्वामी विवेकानन्द
20-एक चिन्ता सैंकड़ों दूसरी चिन्ताओं को जन्म देती है, यथा रक्त बीज। -शब्द प्रकाश

Chinta in hindi

21-मनुष्य चिन्ता से मरता नहीं, सूख जाता है। -रूसी लोकोक्ति
22-शक्तियाँ होते हुए भी उनका उपयोग नहीं हो पाता, यदि दिल में Chinta हो। —महात्मा गांधी
23-Chinta को अपने शत्रुओं की सूची में पहले स्थान पर रखो। -शेक्सपीयर
24-रूप, बल और ज्ञान इनका नाश चाहते हो तो चिन्ता करो। -अज्ञात
25-Chinta से मुक्ति पाना इंसान का प्रथम कर्त्तव्य होना चाहिए अन्यथा वह मनुष्य की शक्तियों को शून्य कर देगी। -महात्मा गांधी

26-चिन्ता और शहद की मक्खी को जितना हटाओ उतना ही चिपटती है। —सुदर्शन
27-चिन्तित व्यक्ति के मन में tension का राक्षस स्थायी डेरा जमा लेता है फिर वह न कार्य आरम्भ करने देता है और न सफलता प्राप्त करने देता है। -स्वेट मार्डेन
28-चिन्ता का राक्षस आपके हृदय में डेरा डालता है। -चनिंग
29-Chinta ऐसी काली दीवार का निर्माण कर देती है जिसमें घिरने के पश्चात् फिर कोई गली नहीं सूझती। -प्रेमचन्द
30-अपनी ताकत का भरोसा रखो, उधार की ताकत घातक होती है। -सुभाषचन्द्र बोस

निष्कर्ष

ऊपर दिए गए कंटेंट के माध्यम से आपने Chinta in hindi के बारे में जानकारी पढ़ी। महापुरुषों ने चिंता मुक्त होने के लिए कौन-कौन से उपाय बताए हैं? tension कैसे दूर कर सकते हैं? आदि महत्त्वपूर्ण जानकारी पढ़ी। आशा है आपको यह जानकारी जरूर अच्छी लगी होगी, आर्टिकल पढ़ने के लिए धन्यवाद।

और अधिक पढ़ें: Mrityu In Hindi || मृत्यु क्या भयानक या आसान || महापुरुष क्या कहते Death के बारे में

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top