गॉड की उपस्थिति को कैसे महसूस करें?

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आज हम इस पोस्ट में आपके साथ God अधिकार की उपस्थिति महसूस कर रही है। कुछ वास्तविक महत्त्वपूर्ण तत्व को जानेंगे। Esver की उपस्थिति को महसूस करना? में भगवान की उपस्थिति को कैसे Mahsus करें? और परमेश्वर की उपस्थिति के संकेत क्या है। आदि महत्त्वपूर्ण बातों पर हम इस पोस्ट में आपके साथ चर्चा करने वाले हैं। चलिए शुरू करते हैं।

God की उपस्थिति कैसे महसूस करें?

आप जानते हैं कि कुछ ना कुछ अद्भुत अनोखा और अजीबो गरीब तरीके के दृश्यों को हम देखते हैं। जो Insan के बस में नहीं होता है। बेबस होता है, उस पर इंसान काबू नहीं कर पाता है। कंट्रोल नहीं कर पाता है और परिस्थिति बेकाबू होती है, तो ऐसे में हम अपने आप को एक हताश Nirasa समझते हैं।

या किसी परिस्थिति को हम अजीब तरीके से कामयाबी (Situation) से किसी लक्ष्य की प्राप्ति, हम एक रहस्यमई Tarike से अपनी क़िस्मत या भाग्य नसीब को सराहना करते हैं। इसमें चमत्कार (Miracle) होता है कुछ ज़रूर, हाँ Bhagvaan का चमत्कार हो सकता है। क्योंकि God की उपस्थिति हम महसूस कर सकते हैं।

किस स्थिति में कर सकते हैं हमारे साथ कोई विकट परिस्थिति (Situation) हो और उस परिस्थिति में God को याद करते हैं। वह भगवान हमारी मदद करता है। हमारी कामयाबी हमारे हाथ में देता है, उस समय हम Bhagvaan का बहुत-बहुत Thanks करते हैं। परमेश्वर मैं आपका धन्यवाद करता हूँ मेरे साथ Good हुआ और मैं एक Good WORK पर कामयाब हुआ।

Bhagvaan का बहुत-बहुत धन्यवाद

जब हमारे अंदर ख़ुशी (Glad inside) जागृत होती है, या किसी हम विकट परिस्थिति में होते हैं। संकट की Ghadi में हम भगवान को याद करते हैं कि हे गॉड मेरी हेल्प करो। हमारे अंदर फीलिंग होती है। भगवान के प्रति कि God मेरी मदद करो और जब हमारा कोई बिगड़ा हुआ काम या किसी हम सफलता (Success) की ओर अग्रसर होते हैं, कामयाब होते हैं। उस समय हम भगवान का बहुत-बहुत Thanks करते हैं।

हमारे अंदर एक ख़ुशी (Happiness) जागृत होती है उस समय We भगवान की उपस्थिति मान करके उन्हें धन्यवाद करते हैं। भगवान को बार-बार धन्यवाद करते हैं, तो उस समय अपने आप में एक अंदर ही फीलिंग होती है कि हाँ हम Bhagvaa की उपस्थिति महसूस कर रहे हैं।

God हमारे साथ है जो, हमारी मदद कर रहा है। ऐसी कुछ अद्भुत और रहस्यमई परिस्थितियों (Mysterious circumstances) में, कामयाबी और निराशा को आशा में तब्दील करने पर Bhagvaa का आशीर्वाद होती हैं। उस परिस्थिति में हम God की उपस्थिति का दर्जा देते हैं।

ईश्वर की उपस्थिति को महसूस करना

ईश्वर की उपस्थिति को महसूस करना, दोस्तों हम कुछ ऐसे जनरल बातें आपके साथ साझा कर रहे हैं। जिसे हम एक अपनी Life का खेल समझ सकते हैं। जैसे कि मनुष्य का जीवन (Life) दुर्लभ और क्षणभंगुर है। यह कहावत अनेक बार कही सुनी गई है। चिंतन के क्रम में इसको सहज विश्लेषण (Analysis) की इच्छा जागृत हुई कि मानव तन और जन इतना दुर्लभ और अमूल्य क्यों है।

जहाँ ज्ञान (Knowledge) की सीमा समाप्त होती है। वहाँ से विज्ञान प्रारंभ होता है, जहाँ Science की सीमा समाप्त होती है वहाँ से अध्यात्म (spirituality) प्रारंभ होता है। “अध्यात परम धीमहि” की आधारशिला (Cornerstone) पर स्थित होता है। अध्यात्म निरपेक्ष भाव से धनात्मक Vichar के साथ सत्य स्वरूप ईश्वर के पथ पर अनवरत गतिशील बने रहने की प्रक्रिया है।

अति दुर्लभ जीवन का आध्यात्मिक विश्लेषण (Spiritual analysis) स्वास्थ्य चिंतन का Sahj प्रस्तुत करने में अधिक प्रयोग सिद्ध होगा। अध्यात्म की भाषा में मनीषियों के शरीर का सुंदर और वैज्ञानिक (Scientist) वर्णन किया है, वैज्ञानिक कहते हैं यह Body हड्डियों के स्तंभ में आतंकियों को बाँध दिया है। उसमें मांस और रक्त का लेप कर उसे चमड़ी सुंदर स्वरूप कर दिया है, किंतु महज़ एक पात्र बर्तन है।

अध्यात्म की Bhasha में भगवान की उपस्थिति

जीवन का विश्लेषण (Analysis) जो मौत से भरा हुआ, दुर्गंध युक्त है। यह सत्य है कि इस Body की बाहरी सुंदरता का आकर्षण हमें भुलाए रखता है कि हम महज़ हाड मास के बने पुतले ही तो हैं। इस शरीर को निर्जीव हो जाने पर इसकी तीन ही motions होती हैं। जैसे इसे गाड़ दिया जाए तो यह क़दम कीड़े कीड़ों के पेट में जाता है।

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कहीं जल थल नभ में छोड़ या बहा दिया जाए तो पशु पक्षियों का आहार बन उनका बीट बन जाता है और जला दिया जाए तो भभूति हो जाता है। क्योंकि इस मृत्युलोक (Deathbed) परम सत्य है कि यह सुंदरता मृत्यु की अमानत है। यहाँ जो भी चरणों से दिखता है वह नष्ट हो जाता है। किंतु शरीर में कार्यशील जीवन अपना अमर कथा लिख सकता है।

हमारा Life अधिकतम कितने दिन का है इस पर भी आध्यात्मिक (spiritual) दृष्टि से गणितीय विश्लेषण का प्रयास सुंदर ढंग से किया है। सामान्यता परंपरा और व्यवहार एक समान सत्य है कि Manushy का जीवन वर्ष कुछ अपवाद को छोड़कर, इस मान्यता के आधार पर किंतु यह विचारणीय (consider) है कि इस जीवन चक्र में कार्यशील दिवस है। Jeevan का कुछ समय कब बीत जाए मालूम ही नहीं चलता है।

भगवान की उपस्थिति के संकेत क्या हैं?

कुछ समय बीतने या नहीं यह निश्चय नहीं होता है कि हम कब और किस वक़्त विकट परिस्थिति (Situation) में हम अपनी मृत्यु का एक हिस्सा बन जाएँ। ऐसी परिस्थिति में हमें अपने शरीर को समझना होगा। समझने के साथ इस अद्भुत Sareer को बनाने वाले उस परमपिता God, भगवान, खुदा, गॉड, अल्लाह का हम धन्यवाद करना चाहिए. कि हमें उसने बनाया है और उसकी असीम कृपा को पूर्ण रूप से समझना चाहिए. उसकी उपस्थिति को हमें महसूस करना चाहिए.

Parmeshyar की उपस्थिति के संकेत क्या है? आप हम इस चीज का पूर्ण रूप से experience कर सकते हैं। परमेश्वर की उपस्थिति है या नहीं, यह Jeevan के कुछ Important मोड़ होते हैं या कुछ ऐसे अद्भुत दृश्य होते हैं। जिन्हें देखकर के एक Chamtkar जैसा अनुभव होता है। क्योंकि हम किसी खराब परिस्थिति में Parmeshyar को याद करते हैं कि God मेरी मदद करो और हम अपने Continuous work पर अग्रसर होते चले जाते हैं।

लेकिन God हमारे लिए कोई ना कोई रास्ता कोई ना कोई सहारा ज़रूर देता है। क्योंकि हमें खुदा गॉड अल्लाह ऐसी बुद्धि देता है, ऐसा ज्ञान देता है, ऐसे अंदर भाव जागृत करता है, या हमारे अंदर ऐसा पावरफुल एनर्जी (Powerful energy) पैदा करता है। जिससे हम इतने एक्टिव हो जाते हैं कि एक Chamtkar हो जाता है। परमेश्वर की असीम कृपा हो जाती है। इस बात का संकेत होता है कि हाँ परमेश्वर की उपस्थिति है।

हाँ परमेश्वर की उपस्थिति है।

परमेश्वर की उपस्थिति के संकेत, Parmeshyar हमारे साथ है और हम पर दया ज़रूर कर रहा है। कभी-कभी इतना अधिक होता है कि जन्म मृत्यु (Birth death) जैसी रचना भी होती है। कोई ज़िन्दगी और मौत से लड़ रहा और परेशान निराश होता है। जीवन के अंतिम क्षणों (Last moments of life) तक जाने कि सोचता है। उस परिस्थिति में उस भगवान का कुछ ऐसा अद्भुत Chamtakr होता है कि हम मौत से बच जाते,

Parmeshyar के ऐसे कई संकेत हो सकते हैं जहाँ हमारी मदद करता है। हाँ वह वास्तविक (Actual) रूप में नहीं आता है, लेकिन वास्तविक रूप में हमारी बुद्धि विवेक वह हमारे अंदर इतना पावर देता है कि हमारे अंदर सारी एनर्जी पॉजिटिव (Energy positive) होती है।

हम एक अच्छे संकेत और अच्छी दृढ़ता के साथ हम किसी भी काम में कामयाब (Successful) होते हैं। इस प्रकार से Bhagvaan की उपस्थिति का एक संकेत, हम अपने अंदर महसूस कर सकते हैं। बल्कि उसे आंखों से नहीं देख पाए, लेकिन हमारे अंदर एक भाव जागृत होता है कि हाँ, Parmeshyar की उपस्थिति है। वह हमारी मदद कर रहा है।

पोस्ट निष्कर्ष

आपने इस पोस्ट में जाना की बास्तव में हम भगवान को याद (Remember god) कर सकते हैं और उनको अपनी मौजूदगी में एक प्रत्यक्ष एवं सकारात्मक रूप में उनका आशीर्वाद ले सकते हैं। हम पूर्ण रूप से विश्वास के साथ मान सकते हैं कि हाँ God है और परमेश्वर हमारा साथ देगा, दे रहा है। हम बार-बार धन्यवाद करते हैं, पोस्ट अच्छी लगी हो तो, आप अपने सोशल नेटवर्क पर इस आर्टिकल को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें।

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2 thoughts on “गॉड की उपस्थिति को कैसे महसूस करें?”

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