उदारता क्या और उदार पुरुष की विशेषता क्या है?

उदारता क्या है उदारता के लाभ उदार पुरुष के मुख्य विशेषता क्या है? सच्ची उदारता क्या है? सच्ची उदारता पर महत्त्वपूर्ण महापुरुषों के संदेश, जो आप इस आर्टिकल में पड़ेंगे यह आपके जीवन में आने वाली बहुत उपयोगी बातें हैं इसे पूरा पढ़ें। चलिए जानते हैं महापुरुषों के विचार उदारता पर,

Udaarata par mahapurush vichaar
Udaarata par mahapurush vichaar

उदारता क्या है? (generosity)

दोस्तों उदारता एक प्रकार से दूसरों के विचारों का आदर और सम्मान समाज में सेवा की भावना को बनाए रखना, तथा उपकार और एहसान दूसरों के काम में समर्थ और श्रेष्ठता प्रदर्शित करना एवं एक सहानुभूति विचार जैसे शब्दों को हम उदारता कह सकते हैं।

सच्ची उदारता पर कुछ महापुरुषों ने अपनी वाणी से उसकी विशेषता का बखान किया है। जो आप उदारता को भलीभांति जान जाएंगे चलिए जानते हैं, महापुरुषों के उदारता पर महत्त्वपूर्ण विचार।

महापुरुषों के उदारता पर महत्त्वपूर्ण विचार

अज्ञात (unknown) :-आभारी हूँ मैं उनका जिन्होंने मेरी निंदा करके मुझे सावधान बनाया।

महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के विचार:-अपने साथ उपकार करने वालों के साथ जो साधुता बरतता है उसकी तारीफ नहीं है महात्मा तो वह है जो अपने साथ बुराई करनेवालों के साथ भी भलाई करें,

विष्णु पुराण (Vishnu Purana) के अनुसार:-सुशील धर्मात्मा और सब मित्रो प्राणियों पर दया करने वाले पात्र बनो दुनिया की तमाम संपत्तियाँ ऐसे पात्र को ही अपना आश्रय बनाती हैं। जैसे पानी नीचे की ओर तथा धुँआ आसमान की ओर स्वाभाविक रूप से गति करता है।

स्वामी महावीर (Swami Mahavir) के अनुसार:-द्रुस्ट अपनी दृष्टिता सर्प अपना विष सिंह रक्तपान जिस प्रकार नहीं छोड़ता उसी प्रकार उदार अपनी उदारता नहीं छोड़ता।

राज ठाकरे (Raj Thackeray) अनुसार:-उपकार की फ़सल न वह सको तो एक पौधा तो तैयार करो।

माघ (Magh) अनुसार:-मूर्ख छोटा—सा कार्य आरंभ करते हैं और उसी में बेचैन हो जाते हैं बुद्धिमान बड़े-बड़े कार्य आरंभ करते और निश्चिंत बने रहते हैं।

चावर्क (Chavark) :-उदारता मनुष्य का श्रेष्ठ गुण है।

उदारता पर महापुरुषों के महत्त्वपूर्ण विचार

अज्ञात (unknown) :-आप दूसरों के दुखों में सहानुभूति रखोगे तो कल जब आपको उसकी आवश्यकता होगी तब बे ही लोग आपको अपना सहयोग दिल की गहराई से देंगे।

अनतोले फ्रांस (Anatole France) के अनुसार:-महान उपलब्धियों के लिए हमें कर्म नहीं करना चाहिए अपितु सपने भी देखना चाहिए योजना ही नहीं बनानी चाहिए अपितु विश्वास भी करना चाहिए,

स्वामी शरणानंद (Swami Sharanand) अनुसार:-प्रकृति नियम के अनुसार सुख उदारता का और दुख त्याग का पाठ पढ़ाने आता है इतना ही नहीं उदारता त्याग को पुष्ट करती है और त्याग उदारता को सुरक्षित रखता है।

उदारता और त्याग को अपना लेने पर सुखी हों और दुखियों में वास्तविक एकता हो जाती है जिसके होते ही समस्त संघर्ष अपने आप मिट जाते हैं तब कोई वैर भाव शेष नहीं रहता है।

महत्त्वपूर्ण विचार उदारता पर

होम (Home) अनुसार:-महान व्यक्ति ना किसी का अपमान करता है और ना उसको सहता है।

एक चीनी कहावत (Chinese proverb) अनुसार:-उदार मन वाले विभिन्न धर्मों को सत्य देखते हैं संकीर्ण मन वाले केवल अंतर देखते हैं।

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हितोपदेश:-यह मेरा है यह दूसरे का है ऐसे संकीर्ण है ह्रदय वाले समझते हैं उदार हृदय वाले तो सारी दुनिया को कुटुंब—सा समझते हैं।

करनैल (karnail) अनुसार:-उदारता उच्च वंश से आती है दया और कृतज्ञता उसके सहायक हैं।

काऊपर (cowboy) अनुसार:-एक वीर पुरुष किसी से द्वेष नहीं करता युद्ध की क्षति शांति में भूल जाता और अपने भयंकर शत्रु का भी मित्र की भांति आलिंगन करता है।

पोस्ट निष्कर्ष

दोस्तों जैसे कि आप जानते हैं उदारता हमारे अंदर की एक भाव होते हैं जो दूसरे के प्रति सहानुभूति पूर्ण विचार और सम्मान जैसी भावना उजागर करते हैं। आशा है आप को ऊपर दिए हुए महापुरुषों की उदारता परभणी अच्छी लगी होगी और अधिक अनमोल वचन बढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

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